महिला आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में राज्य के उल्लेखनीय प्रयास
राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्व- सहायता समूहों को मज़बूत बनाया है।
आर्थिक सशक्तिकरण:
राज्य सरकार द्वारा स्व-सहायता समूहों को कुल ₹1432 करोड़ और ₹3652 करोड़ से अधिक कैश क्रेडिट का वितरण किया गया है, जिसके कारण अनेक महिलाओं को रोजगार और आर्थिक स्वावलंबन के लिए प्रोत्साहन मिला है।
कृषि आजीविका के माध्यम से विकास:
गुजरात लाइवलीहुड प्रमोशन कंपनी लिमिटेड (GLPC) द्वारा कृषि आजीविका के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को कृषि-पर्यावरणीय पद्धतियों, एग्री न्यूट्री गार्डन, पशुपालन, प्राकृतिक-कार्बनिक खेती, ड्रोन दीदी, प्रोड्यूसर ग्रुप, कैटल फ़ीड यूनिट, पोल्ट्री, बकरी पालन सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने हेतु मार्गदर्शन और सहायता प्रदान की जा रही है।
उद्योग और मार्केटिंग को प्रोत्साहन:
पिछले पाँच वर्षों में 200 से अधिक सरस फ़ेयर, क्षेत्रीय मेले, राखी मेले और नवरात्रि मेलों का आयोजन किया गया है। इन मेलों के माध्यम से 5950 से अधिक स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने ₹48 करोड़ से अधिक की बिक्री कर अपनी आर्थिक स्थिति को मज़बूत बनाया है।
लखपति दीदी योजना:
अब तक राज्य की 5.96 लाख से अधिक महिलाएँ “लखपति दीदी” बन चुकी हैं, जो महिला विकास के क्षेत्र में राज्य के उल्लेखनीय प्रयासों को दर्शाता है।
कृषि क्षेत्र में प्रशिक्षण:
कृषि को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने 12 हज़ार से अधिक कृषि सखियों को प्रशिक्षण दिया है, जिससे महिलाएँ आधुनिक कृषि पद्धतियाँ अपनाकर अधिक उत्पादन क्षमता प्राप्त कर सकती हैं।

