ISRO–SAC जाम खंभालिया में 25 एकड़ जमीन पर करोड़ों रुपये की लागत से अर्थ स्टेशन का निर्माण कर रहा है।
जाम खंभालिया में बन रहे इसरो के नए अर्थ स्टेशन के बारे में निलेश एम. देसाई ने बताया कि आने वाले 4 वर्षों में देश की सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार ने 52 सैटेलाइट बनाने की मंजूरी दी है। इसी के तहत इसरो रिमोट सेंसिंग, कैमरा और रडार से लैस 21 जटिल सैटेलाइट तैयार कर रहा है। इसके अलावा 31 छोटे और अपेक्षाकृत सरल सैटेलाइट निजी क्षेत्र की कंपनियों द्वारा निर्मित किए जा रहे हैं।
इसरो का GISAT-1A सैटेलाइट भी तैयार हो चुका है, जिसे आगामी समय में GSLV वाहन उपलब्ध होते ही लॉन्च किया जाएगा। यह सैटेलाइट 36,000 किलोमीटर की ऊंचाई से पृथ्वी की तस्वीरें ले सकेगा और मौसम संबंधी जानकारी सहित कई महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करने में सक्षम होगा
ISRO–SAC द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इन सैटेलाइट्स के लॉन्च होने के बाद उनके संचालन के लिए जिस ग्राउंड अर्थ स्टेशन (भू-केन्द्र) की आवश्यकता होगी, उसका निर्माण गुजरात के समुद्री तट पर स्थित जाम खंभालिया में किया जा रहा है।
यह अर्थ स्टेशन सरकार द्वारा आवंटित 25 एकड़ भूमि पर बनाया जा रहा है और इसका निर्माण 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया जा रहा है। यह आगामी 3–4 वर्षों में पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
वर्तमान में साइट पर मिट्टी परीक्षण (सॉयल टेस्टिंग) और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएँ की जा रही हैं। इसके बाद सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल कार्यों से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।

