बी-कनई स्कूल, मोडासा में गीता जयंती का भावपूर्ण महोत्सव आयोजित
मोडासा: आज बी-कनई स्कूल, मोडासा में गीता जयंती का पावन उत्सव अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। भारतीय सांस्कृतिक परंपरा, आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों के संरक्षण हेतु आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों, आमंत्रित अतिथियों एवं विद्यालय के अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना और श्लोकों के उच्चारण से हुई। इसके बाद विद्यालय के आचार्य श्री के. डी. राठौर और वाइस प्रिंसिपल श्री विक्की डी. सोनी ने सभी उपस्थित लोगों को गीता जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। अपने प्रेरणादायी संबोधन में उन्होंने भगवद गीता के जीवन मूल्यों, कर्तव्यनिष्ठा, मानवधर्म और सदाचार के सिद्धांतों पर विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा, “भगवद गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का मार्गदर्शक ग्रंथ है, जो हर परिस्थिति में स्थिरता, संतुलन और सकारात्मकता बनाए रखने की शिक्षा देता है।”
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने विविध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक प्रस्तुतियाँ देकर सभी का मन मोह लिया। इनमें शामिल थे—
गीता आधारित नाटक
प्रेरणात्मक भाषण
श्लोक पाठ
भगवद गीता अध्याय–18 का वाचन
विशेष रूप से अध्याय–18 का सुगठित और भावपूर्ण वाचन छात्रों द्वारा अत्यंत गंभीरता से प्रस्तुत किया गया, जिससे कार्यक्रम स्थल आध्यात्मिकता से गुंजायमान हो उठा।
शिक्षकों एवं उपस्थित अतिथियों ने छात्रों के आत्मविश्वास, अभिनय कौशल और वकृत्व कला की सराहना की। विद्यालय प्रबंधन ने भी इस प्रकार के आयोजनों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियाँ छात्रों में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्य, अनुशासन और कर्तव्यपरायणता को विकसित करती हैं।
कार्यक्रम के समापन पर सभी ने गीता जयंती के इस पवित्र अवसर पर “निष्काम कर्तव्य” और “सदाचार” को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
बी-कनई स्कूल के शिक्षकों और छात्रों ने मिलकर इस आयोजन को यादगार और सार्थक बनाया।
Harsh Soni Modasa

