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थरूर का डेलिगेशन 5 देशों की यात्रा से लौटा:बोले- हमने भारत की एकता का संदेश दिया

ऑपरेशन सिंदूर और आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख दुनिया को बताने गया ऑल पार्टी डेलिगेशन का आखिरी ग्रुप भी मंगलवार को भारत लौट आया है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व में यह डेलिगेशन 5 देशों- अमेरिका, पनामा, गुयाना, ब्राजील और कोलंबिया गया था।

शशि थरूर ने दिल्ली एयरपोर्ट पर मीडिया से बात की। उन्होंने कहा- जिन पांच देशों में हम गए थे, वहां हमारा स्वागत अच्छे से हुआ। हमनें उन देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति और दूसरे सीनियर लीडर्स से हाई लेवल मीटिंग की। उन लोगों ने समझा कि पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर क्यों किया।

थरूर ने कहा- केंद्र सरकार ने राजनीतिक सीमाओं से परे भारत की एकता का संदेश देने के लिए सभी दलों के सांसदों को विदेश भेजा था। हमने वह किया जो हमें करने के लिए कहा गया था और हम काफी खुश होकर घर लौट रहे हैं।

थरूर ने आज शाम PM मोदी से मिलने को लेकर कहा, 'हम बहुत खुश हैं कि प्रधानमंत्री हमसे मिलना चाहते हैं। हालांकि, यह कोई फॉर्मल मीटिंग नहीं होगी। जहां तक मुझे पता है कि हाई टी (शाम में चाय के साथ हल्का नाश्ता) होगा। PM सभी डेलिगेशन से अनौपचारिक तौर पर मिलेंगे।'

मोदी शाम 7 बजे PM आवास पर सातों डेलिगेशन से मिलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ऑपरेशन सिंदूर और आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख दुनिया को बताने गए ऑल-पार्टी डेलिगेशन से मिलेंगे। शाम 7 बजे प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर मुलाकात होगी।

इस दौरान सभी डेलिगेशन ग्रुप अपने विदेश दौरे में हुई बातचीत की जानकारी पीएम मोदी को देंगे। न्यूज एजेंसी ANI ने बताया कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी 7 डेलिगेशन के सदस्यों को मुलाकात की जानकारी दी है।

केंद्र सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद अलग-अलग पार्टियों के 59 सांसदों को 33 देशों में भेजा था। इन सांसदों को 7 ऑल-पार्टी डेलिगेशन में बांटा गया। डेलिगेशन के साथ 8 पूर्व राजनयिक भी शामिल थे।

22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में 26 टूरिस्ट्स की हत्या हुई थी। इसके जवाब में ऑपरेशन सिंदूर के तहत 7 मई को भारत ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी। इसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए।

59 सांसद ने दुनिया को 5 संदेश दिए

  • आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस : इसमें बताया कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकी गुटों और उनके ढांचों के खिलाफ था। आतंकी अड्‌डों को नपी-तुली कार्रवाई में निशाना बनाया गया। पाक सेना ने इसे खुद के खिलाफ हमला माना और पलटवार किया।
  • पाक आतंक का समर्थक : सांसद कुछ सबूत लेकर गए, जिनमें उन्होंने बताया कि पहलगाम हमले में पाक समर्थित आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) की भूमिका थी। इससे पहले हुए हमलों का भी पूरा चिट्‌ठा सांसद लेकर गए थे।
  • भारत जिम्मेदार और संयमित : भारत ने सैन्य कार्रवाई में भी जिम्मेदारी और संयम का परिचय दिया। यह सुनिश्चित किया कि पाक के किसी निर्दोष नागरिक की जान न जाए। पाक ने कार्रवाई रोकने का जब आग्रह किया तो भारत ने उसे तत्परता से स्वीकारा।
  • आतंक के खिलाफ विश्व एकजुट हो : सांसद ने इन देशों से आतंकवाद के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने और इससे निपटने के लिए सहयोग व समर्थन की मांग की। अपील की कि भारत-पाक के विवाद को आतंकवाद के खिलाफ युद्ध के तौर पर देखें।
  • पाक को लेकर हमारी नीति : यह बताया कि पाक के खिलाफ भारत ने अपना बदला हुआ दृष्टिकोण उजागर किया है। भारत सीमा पार से पैदा होने वाले खतरे को लेकर उदासीन रहने के बजाए प्रो-एक्टिव रवैया अपनाएगा और आतंकी हमलावरों को पहले ही निष्क्रय करेगा।