पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में एक परिवार के 11 की मौत
CM ने की सहायता राशि देने की घोषणा मध्य प्रदेश के CM डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। गुजरात सरकार ने भी मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए आर्थिक सहायता देने की बात कही है। हरदा के विधायक डॉ. आरके दोगने ने मृतकों के परिवार को विधायक निधि से 20-20 हजार रुपए देने का ऐलान किया है।
परिजन बोले- अच्छी मजदूरी की उम्मीद में गए थे गुजरात
हादसे में घायल विजय के भाई वीरेंद्र काजवे ने बताया कि कोलीपुरा टप्पर में रहने वाली लक्ष्मीबाई सभी को घर लेने आई थी। इसके बाद सभी गुजरात काम करने गए थे। वह पहले भी कोलीपुरा में पटाखा फैक्ट्री में मजदूरी करता था। हरदा में पटाखा फैक्ट्री में ब्लॉस्ट के बाद जिले की सभी फैक्ट्रियां बंद हो गई थीं। कुछ दिनों पहले लक्ष्मी बाई उन्हें अच्छी मजदूरी मिलने की बात कहकर अपने साथ गुजरात ले गई थी। भाई गंभीर रूप से घायल हो गया है। उसका गुजरात के अस्पताल में उपचार जारी है।
MP से मंत्री और अफसरों की टीम गुजरात रवाना गुजरात में पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे के बाद राज्य सरकार की ओर से अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान बनासकांठा के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं, हरदा कलेक्टर आदित्य सिंह ने बताया कि मृतकों की शिनाख्त और घायलों की मदद के लिए अफसरों की टीम भेजी है।
इसमें संयुक्त कलेक्टर संजीव नागू, DSP (अजाक) सुनील लाटा, तहसीलदार टिमरनी डॉ. प्रमेश जैन, नायब तहसीलदार देवराम निहरता और रहटगांव के DSP मानवेंद्र सिंह भदौरिया शामिल हैं। इधर, देवास से भी अफसरों का एक दल वहां पहुंच रहा है।
घायल बोला- धमाका हुआ और बेहोश हो गए दैनिक भास्कर की टीम ने पालनपुर के बनास मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भेजे गए विजय नाम के एक मजदूर से बात की। विजय ने कहा, 'हम फैक्ट्री के अंदर काम कर रहे थे, तभी अचानक ब्लास्ट हुआ। हमें पता ही नहीं चला कि आखिर क्या हुआ था, बहुत तेज धमाका हुआ और हम बेहोश हो गए। जब मैंने अपनी आंखें खोलीं तो मेरे चारों ओर आग थी। हम झुलसी हालत में ही किसी तरह फैक्ट्री से बाहर भागे।
SDM बोलीं- तीन झुलसे, डॉक्टर ने कहा-एक गंभीर
गुजरात के डीसा की SDM नेहा पांचाल ने बताया कि घटना में घायल सभी लोगों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल 3 लोगों का इलाज चल रहा है। ये लोग 40% से ज्यादा झुलस गए हैं। हादसे को लेकर प्रशासन की ओर से जांच जारी है।
डीसा के सिविल हॉस्पिटल के सुपरिंटेंडेंट सुनील जोशी ने बताया कि डीसा में पटाखा फैक्ट्री में आग लगने के बाद दो झुलसे मरीजों को यहां लाया गया। एक मरीज 60% से ज्यादा जल गया है और उसकी हालत अत्यंत गंभीर है। एक अन्य मरीज 8 से 10 प्रतिशत तक जला है।
पटाखे बेचने का लाइसेंस था, बनाने का नहीं गुजरात में दीपक ट्रेडर्स नाम की यह पटाखा फैक्ट्री खूबचंद सिंधी की है। वह इस फैक्ट्री में विस्फोटक लाकर पटाखा बनवाते थे। हालांकि, अब तक की जांच में पता चला है कि कंपनी मालिक के पास केवल पटाखे बेचने का लाइसेंस है, बनाने का नहीं। इसलिए स्थानीय पुलिस आगे की जांच में जुटी है।


